NCR में लगातार बढ़ते स्वाइन फ्लू के मामलों के मध्यनजर गुडगाँव के जिला सरकारी अस्पताल का रियल्टी चेक
अस्पताल में दिखीं डेंगू ओर स्वाइन फ्लू को लिए अधूरी तैयारियां बढ़ते स्वाइन फ्लू को लेकर बरती जा रही है भारी लापरवाही
मरीज बिना मास्क लगाए ही कर रहे है आवाजाही आइसोलेशन वार्ड में अभी तक नही की गई पूरी व्यवस्थाएं
इमरजेंसी वार्ड में बढ़ते मरीजो की संख्या के चलते अस्पताल के गलियारे में लगाए गए एक्स्ट्रा बेड
सर्वाधिक राजस्व देने के बावजूद अपनी स्वास्थ सेवाओँ पर आंसू बहा रहा गुड़गाव का सरकार अस्पताल
NCR में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के मध्यज़र गुडगाँव जिला सरकारी अस्पताल में जैसी तैयारियों के दावे जिला प्रशासन द्वारा किये गए थे ऐसे तमाम दावे रियल्टी चेक में धूमिल होते दिखाई दिए।जहाँ साइबर सिटी में स्वाइन फ्लू के मामले निजी अस्पतालों से लगातार जिला स्वास्थ्य विभाग के पास दर्ज किए जा रहे है ।तो सरकारी अस्पताल में भी स्वाइन फ्लू की तैयारियों के मध्यनजर आइसोलेशन वार्ड बनाया तो गया है स्वाइन फ्लू से बचाव और जागरूकता के लिए अस्पताल में किसी तरह के बोर्ड या फ्लेक्सलेकिन देखने को नहीं मिले सर्वाधिक राजस्व देने के बावजूद अपनी स्वास्थ सेवाओँ पर बीमारू व्यवस्थाओ ने अस्पताल की व्यवस्थाओ पर कई गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए है।
रियल्टी चेक में तस्वीरों के माध्यम आप खुद ही अंदाज़ लगा सकते है कि बिना मास्क के घूमते मरीज किसी को भी बीमार कर सकते है।लेकिन स्वाइन फ्लू की जानकारी और जागरूकता के लिए न तो सरकारी अस्पताल में कोई व्यासवथा की गई है और न ही कोई बोर्ड लगाया गया ह।ओर इसी का यह आलम है कि दिल्ली एनसीआर में लगातार बढ़ते स्वाइन फ्लू के मामलों के चलते जो व्यवस्थाएं अभी तक सरकारी अस्पताल में कई जानी चाहिए थी वो भी पूरी तरह से मुकम्मल नही हो पाई है।वही अस्पताल के पीआरओ की माने तो स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नही है इसका इलाज सही समय और सही तरीके से किया जाए तो इसके प्रकोप को कम किया जा सकता है।लेकिन लोगो मे जानकारी के अभाव के चलते यह खतरनाक बीमारी धीरे धीरे साइबर सिटी में पैर पसारती जा रही है।
अस्पताल की गैलरी में पड़े बेड से जिला प्रशासन के सभी कुछ सही होने के दावों की हकीकत का पता चलता है साथ ही प्रदेश सरकार में बैठे उन हुक्मरानों के दावों की हकीकत की पोल भी खोलता है जिसमे गुड़गाव को स्मार्ट सिटी के दौड़ में बताते हुए तमाम दावे किए जाते रहे है।यानी प्रदेश सरकार को सर्वाधिक राजस्व देने के बाद भी साइबर सिटी अपनी बदहाल हो चली स्वास्थ सेवाओँ पर आंसू बहा रहा है ।















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