गुरुग्राम में वित्तीय साक्षरता केन्द्र का शुभारंभ किया गया

सिंडीकेट बैंक द्वारा एवं क्रिसिल लिमिटेड की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) शाखा क्रिसिल फाउंडेशन के सहयोग से आज सोहना, गुरुग्राम में वित्तीय साक्षरता केन्द्र का शुभारंभ किया गया । इस केंद्र का उद्घाटन सोहना के एसडीएम सतीश यादव तथा श्री डी एस बेदी, रीजनल मैनेजर, सिंडिकेट बैंक, फरीदाबाद के द्वारा किया गया।
समारोह में सोहना के एसडीएम सतीश यादव ने सिंडीकेट बैंक तथा क्रिसिल फाउंडेशन को वित्तीय साक्षरता केन्द्र खोलने पर बधाई दी और केन्द्र को जिला प्रशासन की तरफ से सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होने सोहनावासियो से अपील करते हुए कहा कि इस केंद्र का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होने उपस्थित सभी सरपंचो और पार्षदो से आग्रह किया कि वे इस केन्द्र की जानकारी आमजन तक अधिक से अधिक पहुचाएं ताकि लोग इसका लाभ उठा सके।
समारोह में सिंडीकेट बैंक फरीदाबाद के रीजनल मैनजर श्री डी एस बेदी ने कहा कि सिंडीकेट बैंक गुरुग्राम का अग्रणी बैंक है जो लोगों को किसान ऋण, रीटेल ऋण, आवास ऋण तथा हर किस्म के ऋण उपलब्ध करता है ।
श्री आर सी नायक, अग्रणी जिला प्रबन्धक, गुरुग्राम ने वित्तीय सहायता केन्द्र के बारे में विस्तार से बताया एवं कहा कि वित्तीय साक्षरता और समावेशन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एक पायलट परियोजना के तहत मनी-वाइज़ केंद्रों की स्थापना की जा रही है। यह हरियाणा के करनाल, मेवात, गुरुग्राम और पानीपत के 10 ब्लॉक मे शुरू हो रहा है। अगले तीन वर्षों में ये केंद्र हरियाणा और महाराष्ट्र , दोनों राज्यों में 600,000 से अधिक घरों तक पहुंचेंगे। ये केन्द्र हर व्यक्ति को बैंक में खाता खोलने से ले कर, ऋण परियोजना, सुरक्षा बीमा योजना, पीएमईजीपी, मुद्रा ऋण योजना, स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, फसल बीमा, बैंक खाता में आधार को जोडऩा एवं केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा दी जा रही ऋण सुविधा के बारे में जागरूकता तथा जानकारी देता रहेगा। यह केन्द्र सभी बैंक के लिए काम करेगा उन्होने सोहना वासियो का आवाहन करते हुये इस केंद्र का लाभ उठाने का अनुरोध किया
श्री विक्रम रंधावा, ए जी एम्, भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने भाषण में बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक हर व्यक्ति को बैंक के साथ जुडऩा चाहता है और इसी प्रकरण में वित्तीय साक्षरता केन्द्र खोलने का पायलट प्रोग्राम तैयार किया है जो गुडग़ांव व जिला में सोहना और पटौदी में खोला जा रहा है । गरीबों और वित्तीय सेवाओं से वंचित वर्गों के लिए कई योजनाएं लाई गयी हैं। इन योजनाओं का लाभ इन वर्गों तक पहुँच सके और उनको इन योजनाओं की सटीक जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए उनका सहयोग एवं मार्गदर्शन करने के लिए यह केंद्र उपयुक्त समय पर शुरू हुआ है
सभा को सम्बोधित करते हुए नाबार्ड गुरुग्राम के डीडीए श्री विजय नागरा ने कहा कि नाबार्ड ने हमेशा से ही वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए गुरुग्राम के साथ साथ पुरे देश में अहम् भूमिका निभाई है. सोहना में इस वित्तीय समावेशन केंद्र के शुरू होने से ब्लॉक के निवासियों में अच्छे वित्तीय व्यवहार को बढ़ावा देने के नाबार्ड और जिला के अग्रणी बैंक के प्रयासों को और मदद मिलेगी। मैं क्रिसिल फाउंडेशन और उनकी टीम को अपने उद्देश्य में सफलता प्राप्त करने की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों में अपने पूर्ण सहयोग का आश्वासन देता हूँ।
क्रिसिल फाउंडेशन के श्री रमन उबेरोय, सीनियर एडवाइजर, ने कहा, मनी-वाइज़ केंद्र, समुदाय के सदस्यों की सेवा के लिए (वित्तीय) ज्ञान और प्रशिक्षण प्रसारित करेंगे । यह केंद्र वित्तीय परामर्श की सुविधा और समुदायों की वित्तीय आवश्यकताओं को सहजता से प्राप्त करने का मजबूत ढांचा तैयार करेंगे ।
सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों की वित्तीय क्षमताओं को मजबूत करने के हमारे प्रयास, हमें यह मानने के लिए प्रेरित करते हैं कि परिवारों के दरवाजे तक सूचना के प्रसार और अंतिम उपभोगताओं के मार्गदर्शन द्वारा वित्तीय सेवाओं को प्रचलित करने में बढ़ावा दे सकते हैं। फाउंडेशन ने मनी-वाइज़ केंद्र के माध्यम से ज्ञान का प्रसार करने के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण टूलकिट विकसित किया है । यह टूलकिट औपचारिक वित्तीय सेवाओं के बारे में महत्वपूर्ण संदेशों और लाभों को प्रसारित करने के लिए शैक्षिक वीडियो, सिमुलेशन और वित्तीय नियोजन उपकरण का एक संयोजन हैं । केंद्र में कर्मचारी, केंद्र प्रबंधक और क्षेत्र समन्वयक को, निजी वित्त, वित्तीय परामर्श, राज्य और केंद्र सरकार की वित्तीय योजनाओं के बारे में जागरूकता और डिजिटल लेनदेन के निर्देशों के साथ ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
श्रीमति माया वेंगुलेर्कर, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, क्रिसिल फाऊंडेशन ने कहा कि ग्रामीण हमारे केंद्र में बचत और उधार, परिवार की आर्थिक योजना बनाने और वित्तीय लक्ष्यों को स्थापित करने के लिए कर्मचारियों से संपर्क कर सकते है। गांव वालों को अपने स्वयं के घरों या केंद्र में निजीकृत वित्तीय परामर्श सेवाएं भी मिल सकती हैं। इसके अलावा, निवासियों को वित्तीय लेन-देन तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए अनुभव-आधारित शिक्षा और संचालन का फायदा पहुँचाने की भी योजना है ।
इस अवसर पर श्री विक्रम रंधावा, ए जी एम्, भारतीय रिजर्र्व बैंक, श्री विजय नागरा, डी डी एम्, नाबार्ड, गुरुग्राम, श्री आर सी नायक, एल डी एम् गुरुग्राम, सिंडिकेट बैंक, श्री रमन उबेरोय, सीनियर एडवाइजर, क्रिसिल लिमिटेड, श्रीमति माया वेंगुलेर्कर, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, क्रिसिल फाऊंडेेशन, सभी बैंक शाखा के प्रबन्धक, सरपंच, पार्षद, ग्रामवासी तथा एसएचजी के कार्यकर्ता की उपस्थिति थे।

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