
अंधेरे में भी दुश्मनोंं को मारने की ट्रेनिंग लेने वाली इन 36 महिलाअों के हवाले मोदी की सुरक्षा
लाल किले में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा की कमान देश की पहली विशेष महिला स्वाट टीम संभालेगी। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की महिला स्वाट टीम का उद्घाटन किया।
ये देश की पहली महिला स्वाट टीम है। महिला स्वाट टीम के गठन और प्रशिक्षण के बाद इन्हें पहली बार स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले तैनात किया जा रहा है। इन महिला कमांडो को देशी-विदेशी विशेषज्ञों द्वारा 15 महीने का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया है। ये पहला मौका है जब खुले आसमान के नीचे और लाखों की भीड़ की मौजूदगी में होने वाले स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए महिला स्वाट टीम को तैनात किया जा रहा है। इस दौरान ये महिला कमांडो कई तरह के अत्याधुनिक हथियारों से लैस होंगी।
अंधेरे में भी दुश्मन की पहचान कर उसे खत्म करने की ट्रेनिंग
स्वाट कमांडो ट्रेनिंग बेहद कठिन होती है। यह फोर्स किसी भी स्थिति में दुश्मन का खात्मा करने की ताकत रखती है। इन्हें हवा, पानी और जंगल में ऑपरेशन को अंजाम देने में महारथ हासिल है। इन्हें अंधेरे में भी दुश्मन की पहचान कर उसे खत्म करने की ट्रेनिंग दी जाती है। आतंकी और नक्सली ऑपरेशन का काम इस टीम को दिया जाता है। 2008 में हुए मुंबई हमले के बाद भारत में स्वैट टीम बनाने की जरूरत महसूस हुई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस को यह काम सौंपा गया।
हर स्थिति से निपटने में माहिर है महिला स्वाट टीम
देश की पहली महिला स्वाट टीम को देशी-विदेशी प्रशिक्षकों द्वारा 12 महीनों की सख्त कमांडों ट्रेनिंग और फिर 3 महीने की विशेषज्ञ स्वाट ट्रेनिंग दी गई है। इस दौरान इन्हें 24 घंटे या उससे भी ज्यादा देर तक चलने वाले ऑपरेशन की ट्रेनिंग दी गई है। मालूम हो कि पुरुष कमांडो को भी केवल 12 महीने की ही ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें 3 महीने की विशेषज्ञ स्वाट ट्रेनिंग अलग से दी गई है। महिला स्वाट टीम को 12 महीने की कमांडो ट्रेनिंग झारौदा कलां और स्वैट ट्रेनिंग एनएसजी के मानेसर स्थित सेंटर पर दी गई है।















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