शूगर के मरीजों के लिए ये खबर अच्छी है स्टिविया जीवन में घोलेगी मिठास
गुरुग्राम में स्टिविया की खेती के लिए तैयार पहली बार स्टिविया की होगी खेती
किसानों के लिए कंपनी से सीधा कॉन्ट्रैक्ट चार साल में 12 बार फसल की होगी कटाई
गुरुग्राम में स्टिविया नाम की फसल को पहली बार पैदा करने के लिए तैयारियां कर ली है। सरकार की तरफ से हरी झंडी मिल गई है। वही होर्टिकल्चर विभाग की तरफ से किसानों के लिए मार्केटिंग का भी इंतजाम करा दिया है। जिसमें किसानों से फसल कटाई के बाद कंपनी खुद ही कंट्रक्ट रेट पर स्टिविया के पत्तों को खेत से ही ले जायेगी।
गुरुग्राम में स्टिविया की मिठास अब लोगों की जिंगदी को खुशहाल करेगी। शूगर के मरीजों के लिए ये खबर अच्छी है स्टिविया के पत्ते सूगर फ्री होने के बाद भी इतने मीठे होते है कि शरीर को हानी भी नहीं पहुंचाते और मिठास की पूर्ती भी करते है..वही इससे पहले ये फसल महाराष्ट्र औऱ उतराखंड इलाकों में हुआ करती थी। लेकिन पहली बार हरियाणा के गुरुग्राम में पहली बार इस फसल को उपाजाया जायेगा।
गुरुग्राम में स्टिविया के लिए पटौदी के कुछ इलाकों में जमीन को चयनित किया गया है। वही इसके अलावा सरकार की तरफ से भी हरी झंडी दे दी गई है। सरकार की तरफ 50 प्रतिशत सबसिडी दी जायेगी। वही इसके अलावा स्टिविया के पत्तों की कटाई 3 महीने में होती है और एक बार पौधा लगने के बाद 4 साल तक एक पौधा बार बार होता रहता है। स्टिविया शूगर पेंसेंट के लिए इस लिए महत्वपूर्ण है क्योकि इससे शूगर पेसेंट कितना ही खाले लेकिन उसे इसका कोई नुक्सान नहीं होगा और मीठे का स्वाद भी उठा सकेगा।
गुरुग्राम हार्टीकल्चर विभाग की तरफ से किसानों के लिए बुकिंग भी शुरु कर दी है। वही विभाग की तरफ से पहली बार किसानों को इस खेती के बारे में जानकारी भी दी गई और उसकी खेती के बारे में बारिकियां भी बताई। वही फिलहाल इस खेती के लिए किसानों में भी खुशी देखने को मिल रही है क्योकि पहली बार इस फसल की खेती हो रही है तो पहली बार ही किसानों को कंट्रक्ट औऱ तय रेट फसल का दिया जायेगा।















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